Hindi #24

Nigah-e-Lutf Ke Ummeedwar Hum Bhi Hain

📜 Hindi 🎵 22 Lines ⏱️ 1 Min Read ✨ Naat Shareef

निगाह-ए-लुत्फ़ के उम्मीदवार हम भी हैं

लिए हुए ये दिल-ए-बे-क़रार हम भी हैं

हमारे दस्त-ए-तमन्ना की लाज भी रखना

तेरे फ़क़ीरों में, ऐ शहरयार ! हम भी हैं

इधर भी तौसन-ए-अक़्दस के दो क़दम जल्वे

तुम्हारी राह में मुश्त-ए-ग़ुबार हम भी हैं

खिला दो ग़ुंचा-ए-दिल सदक़ा बाद-ए-दामन का

उमीदवार-ए-नसीम-ए-बहार हम भी है

तुम्हारी एक निगाह-ए-करम में सब कुछ है

पड़े हुए तो सर-ए-रहगुज़ार हम भी हैं

जो सर पे रखने को मिल जाए ना'ल-ए-पाक-ए-हुज़ूर

तो फिर कहेंगे कि हाँ ताजदार हम भी हैं

ये किस शहंशह-ए-वाला का सदक़ा बटता है

कि ख़ुसरओं में पड़ी है पुकार हम भी हैं

हमारी बिगड़ी बनी उन के इख़्तियार में है

सिपुर्द उन्हीं के हैं सब कारोबार हम भी हैं

हसन ! है जिन की सख़ावत की धूम 'आलम में

उन्हीं के तुम भी हो इक रेज़ा-ख़्वार हम भी हैं

शायर:

मौलाना हसन रज़ा ख़ान बरेलवी

ना'त-ख़्वाँ:

ओवैस रज़ा क़ादरी