Hindi #16

Noor Ka Saman Chhaya Urs-e-Azhari Aaya

📜 Hindi 🎵 28 Lines ⏱️ 1 Min Read ✨ Naat Shareef

नूर का समाँ छाया, 'उर्स-ए-अज़हरी आया

फ़ैज़-ए-मुस्तफ़ा लाया, 'उर्स-ए-अज़हरी आया

ज़िक्र-ओ-फ़िक्र-ए-दुनिया से हट के हुस्न-ए-अख़्तर ने

दिल में जल्वा फ़रमाया, 'उर्स-ए-अज़हरी आया

मुद्दतों से थे बेचैन, रज़वियों के दोनों नैन

इंतिज़ार रंग लाया, 'उर्स-ए-अज़हरी आया

हासिदों के सीने पे देखिए गिरी बिजली

क़ल्ब-ए-सुन्नी मुस्काया, 'उर्स-ए-अज़हरी आया

फ़ज़्ल-ए-मुस्तफ़ा से वो का'बे के बने मेहमाँ

वाह क्या शरफ़ पाया, 'उर्स-ए-अज़हरी आया

देख कर, ऐ दीवानो ! हुस्न-ए-रू-ए-अख़्तर को

चाँद भी है शरमाया, 'उर्स-ए-अज़हरी आया

वाह वाह ! ज़रा देखो हल्क़ा ज़िक्र-ए-अख़्तर का

किस-क़दर है गरमाया, 'उर्स-ए-अज़हरी आया

दस्त-ए-शाह-ए-अस्जद से जाम-ए-अज़हरी पीजे

कासा फिर से छलकाया, 'उर्स-ए-अज़हरी आया

ग़ौल-ए-सुल्ह-ए-कुल्ली में ज़लज़ला किया बरपा

नज्द जिन से लरज़ाया, 'उर्स-ए-अज़हरी आया

साल भर से पर्दे में था समाँ ये नूरानी

रुख़ से पर्दा सरकाया, 'उर्स-ए-अज़हरी आया

सुन्नियो ! चले आओ साया-ए-बरेली में

अब्र-ए-नूर बरसाया, 'उर्स-ए-अज़हरी आया

'उर्स-ए-फ़ख़्र-ए-अज़हर की बरकतें हैं ये, अय्यूब !

मेरा क़ल्ब चमकाया, 'उर्स-ए-अज़हरी आया

शायर:

मुहम्मद अय्यूब रज़ा अमजदी

ना'त-ख़्वाँ:

साबिर रज़ा अज़हरी सुरत