शैअन-लिल्लाह, या 'अब्दुल क़ादिर !
या साकिन बग़दाद ! या शैख़ अल-जीलानी !
इधर भी निगाह-ए-करम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !
करो दूर रंज-ओ-अलम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !
शैअन-लिल्लाह, या 'अब्दुल क़ादिर !
या साकिन बग़दाद ! या शैख़ अल-जीलानी !
मेरा हर मरज़ दूर हो जाए, प्यारे !
करो ऐसा आ कर के दम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !
शैअन-लिल्लाह, या 'अब्दुल क़ादिर !
या साकिन बग़दाद ! या शैख़ अल-जीलानी !
बहुत चुभ रहा है, ख़ुदा-रा निकालो
मेरे दिल से तीर-ए-अलम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !
शैअन-लिल्लाह, या 'अब्दुल क़ादिर !
या साकिन बग़दाद ! या शैख़ अल-जीलानी !
कहीं गिर न जाऊँ, ख़ुदा-रा सँभालो
मेरे डगमगाए क़दम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !
शैअन-लिल्लाह, या 'अब्दुल क़ादिर !
या साकिन बग़दाद ! या शैख़ अल-जीलानी !
तेरा हूँ मैं तेरा, मेरे इस कहे का
सर-ए-हश्र रखना भरम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !
शैअन-लिल्लाह, या 'अब्दुल क़ादिर !
या साकिन बग़दाद ! या शैख़ अल-जीलानी !
खिलाता पिलाता है रब्ब-ए-दो-'आलम
तुझे दे के अपनी क़सम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !
शैअन-लिल्लाह, या 'अब्दुल क़ादिर !
या साकिन बग़दाद ! या शैख़ अल-जीलानी !
मदीने से नज्दी बला को निकालो
करो उन के सर को क़लम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !
शैअन-लिल्लाह, या 'अब्दुल क़ादिर !
या साकिन बग़दाद ! या शैख़ अल-जीलानी !
मुझे ख़्वाब में आ के जल्वा दिखा दो
करो आज की शब करम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !
शैअन-लिल्लाह, या 'अब्दुल क़ादिर !
या साकिन बग़दाद ! या शैख़ अल-जीलानी !
जिला पाएगा दिल 'उबैद-ए-रज़ा का
ज़रा रख दो अपना क़दम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !
शैअन-लिल्लाह, या 'अब्दुल क़ादिर !
या साकिन बग़दाद ! या शैख़ अल-जीलानी !
ये दिल ये जिगर है, ये आँखें ये सर है
जहाँ चाहो रक्खो क़दम, ग़ौस-ए-आ'ज़म !
शैअन-लिल्लाह, या 'अब्दुल क़ादिर !
या साकिन बग़दाद ! या शैख़ अल-जीलानी !
असीरों के मुश्किल-कुशा, ग़ौस-ए-आ'ज़म !
फ़क़ीरों के हाजत-रवा, ग़ौस-ए-आ'ज़म !
शैअन-लिल्लाह, या 'अब्दुल क़ादिर !
या साकिन बग़दाद ! या शैख़ अल-जीलानी !
घिरा है बलाओं में बंदा तुम्हारा
मदद के लिए आओ, या ग़ौस-ए-आ'ज़म !
शैअन-लिल्लाह, या 'अब्दुल क़ादिर !
या साकिन बग़दाद ! या शैख़ अल-जीलानी !
तेरे हाथ में हाथ मैं ने दिया है
तेरे हाथ है लाज, या ग़ौस-ए-आ'ज़म !
शैअन-लिल्लाह, या 'अब्दुल क़ादिर !
या साकिन बग़दाद ! या शैख़ अल-जीलानी !
भँवर में फँसा है सफ़ीना हमारा
बचा, ग़ौस-ए-आ'ज़म ! बचा, ग़ौस-ए-आ'ज़म !
शैअन-लिल्लाह, या 'अब्दुल क़ादिर !
या साकिन बग़दाद ! या शैख़ अल-जीलानी !
निकाला है पहले तो डूबे हुओं को
और अब डूबतों को बचा, ग़ौस-ए-आ'ज़म !
शैअन-लिल्लाह, या 'अब्दुल क़ादिर !
या साकिन बग़दाद ! या शैख़ अल-जीलानी !
क़सम है कि मुश्किल को मुश्किल न पाया
कहा हम ने जिस वक़्त या ग़ौस-ए-आ'ज़म
शैअन-लिल्लाह, या 'अब्दुल क़ादिर !
या साकिन बग़दाद ! या शैख़ अल-जीलानी !
कहे किस से जा कर हसन अपने दिल की
सुने कौन तेरे सिवा, ग़ौस-ए-आज़म !
शैअन-लिल्लाह, या 'अब्दुल क़ादिर !
या साकिन बग़दाद ! या शैख़ अल-जीलानी !
खिला मेरे दिल की कली, ग़ौस-ए-आ'ज़म !
मिटा क़ल्ब की बे-कली, ग़ौस-ए-आ'ज़म !
शैअन-लिल्लाह, या 'अब्दुल क़ादिर !
या साकिन बग़दाद ! या शैख़ अल-जीलानी !
मेरे चाँद ! मैं सदक़े, आजा इधर भी
चमक उट्ठे दिल की गली, ग़ौस-ए-आ'ज़म !
शैअन-लिल्लाह, या 'अब्दुल क़ादिर !
या साकिन बग़दाद ! या शैख़ अल-जीलानी !
तेरे रब ने मालिक किया तेरे जद को
तेरे घर से दुनिया पली, ग़ौस-ए-आ'ज़म !
शैअन-लिल्लाह, या 'अब्दुल क़ादिर !
या साकिन बग़दाद ! या शैख़ अल-जीलानी !
कहा जिस ने 'या ग़ौस अग़िसनी' तो दम में
हर आई मुसीबत टली, ग़ौस-ए-आ'ज़म !
शैअन-लिल्लाह, या 'अब्दुल क़ादिर !
या साकिन बग़दाद ! या शैख़ अल-जीलानी !
नहीं कोई भी ऐसा फ़रियादी, आक़ा !
ख़बर जिस की तुम ने न ली, ग़ौस-ए-आ'ज़म !
शैअन-लिल्लाह, या 'अब्दुल क़ादिर !
या साकिन बग़दाद ! या शैख़ अल-जीलानी !
क़दम गर्दन-ए-औलिया पर है तेरा
तू है रब का ऐसा वली, ग़ौस-ए-आ'ज़म !
शैअन-लिल्लाह, या 'अब्दुल क़ादिर !
या साकिन बग़दाद ! या शैख़ अल-जीलानी !
मेरी रोज़ी मुझ को 'अता कर दो, आक़ा !
तेरे दर से दुनिया ने ली, ग़ौस-ए-आ'ज़म !
शैअन-लिल्लाह, या 'अब्दुल क़ादिर !
या साकिन बग़दाद ! या शैख़ अल-जीलानी !
फ़िदा तुम पे हो जाए नूरी-ए-मुज़्तर
ये है इस की ख़्वाहिश-दिली, ग़ौसे-आ'ज़म !
शैअन-लिल्लाह, या 'अब्दुल क़ादिर !
या साकिन बग़दाद ! या शैख़ अल-जीलानी !
शायर:
मौलाना हसन रज़ा ख़ान
मुस्तफ़ा रज़ा ख़ान
ओवैस रज़ा क़ादरी
ना'त-ख़्वाँ:
ओवैस रज़ा क़ादरी
हाफ़िज़ मुहम्मद आमिर क़ादरी
हाफ़िज़ ताहिर क़ादरी