Hindi #20

Bayan Ho Kis Zaban Se Martaba Siddiq-e-Akbar Ka

📜 Hindi 🎵 20 Lines ⏱️ 1 Min Read ✨ Naat Shareef

बयाँ हो किस ज़बाँ से मर्तबा सिद्दीक़-ए-अकबर का

है यार-ए-ग़ार महबूब-ए-ख़ुदा सिद्दीक़-ए-अकबर का

इलाही ! रहम फ़रमा ख़ादिम-ए-सिद्दीक़-ए-अकबर हूँ

तेरी रहमत के सदक़े, वास्ता सिद्दीक़-ए-अकबर का

रुसुल और अंबिया के बा'द जो अफ़ज़ल हो 'आलम से

ये 'आलम में है किस का मर्तबा ? सिद्दीक़-ए-अकबर का

गदा सिद्दीक़-ए-अकबर का ख़ुदा से फ़ज़्ल पाता है

ख़ुदा के फ़ज़्ल से मैं हूँ गदा सिद्दीक़-ए-अकबर का

हुए फ़ारूक़-ओ-'उस्मान-ओ-'अली जब दाख़िल-ए-बै'अत

बना फ़ख़्र-ए-सलासिल सिलसिला सिद्दीक़-ए-अकबर का

नबी का और ख़ुदा का मद्ह-गो सिद्दीक़-ए-अकबर है

नबी सिद्दीक़-ए-अकबर का, ख़ुदा सिद्दीक़-ए-अकबर का

'अली हैं उस के दुश्मन और वो दुश्मन 'अली का है

जो दुश्मन 'अक़्ल का, दुश्मन हुआ सिद्दीक़-ए-अकबर का

लुटाया राह-ए-हक़ में घर कई बार इस मोहब्बत से

कि लुट लुट कर, हसन ! घर बन गया सिद्दीक़-ए-अकबर का

शायर:

मौलाना हसन रज़ा ख़ान

ना'त-ख़्वाँ:

ओवैस रज़ा क़ादरी