Hindi #26

Aseeron Ke Mushkil Kusha Ghaus-e-Azam

📜 Hindi 🎵 41 Lines ⏱️ 2 Min Read ✨ Naat Shareef

असीरों के मुश्किल-कुशा, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

फ़क़ीरों के हाजत-रवा, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

गिरा है बलाओं में बंदा तुम्हारा

मदद के लिए आओ, या ग़ौस-ए-आ'ज़म !

तेरे हाथ में हाथ मैं ने दिया है

तेरे हाथ है लाज, या ग़ौस-ए-आ'ज़म !

मुरीदों को ख़तरा नहीं बहर-ए-ग़म से

कि बेड़े के हैं ना-ख़ुदा ग़ौस-ए-आ'ज़म

तुम्हीं दुख सुनो अपने आफ़त-ज़दों का

तुम्हीं दर्द की दो दवा, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

भँवर में फँसा है सफ़ीना हमारा

बचा, ग़ौस-ए-आ'ज़म ! बचा, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

ज़माने के दुख-दर्द की, रंज-ओ-ग़म की

तेरे हाथ में है दवा, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

निकाला है पहले तो डूबे हुओं को

और अब डूबतों को बचा, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

जिसे ख़ल्क़ कहती है प्यारा ख़ुदा का

उसी का है तू लाडला, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

फँसा है तबाही में बेड़ा हमारा

सहारा लगा दो ज़रा, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

मेरी मुश्किलों को भी आसान कीजे

कि हैं आप मुश्किल-कुशा, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

वहाँ सर झुकाते हैं सब ऊँचे ऊँचे

जहाँ है तेरा नक़्श-ए-पा, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

क़सम है कि मुश्किल को मुश्किल न पाया

कहा हम ने जिस वक़्त या ग़ौस-ए-आ'ज़म

बचा ले ग़ुलामों को मजबूरियों से

कि तू 'अब्द-ए-क़ादिर है, या ग़ौस-ए-आ'ज़म !

सरों पर जिसे लेते हैं ताज वाले

तुम्हारा क़दम है वो, या ग़ौस-ए-आ'ज़म !

अधर में, पिया ! मोरी डोलत है नैया

कहूँ का से अपनी बिथा, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

बिपत में कटी मोरी सगरी 'उमरिया

करो मो पे अपनी दया, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

कहे किस से जा कर हसन अपने दिल की

सुने कौन तेरे सिवा, ग़ौस-ए-आज़म !

शायर:

मौलाना हसन रज़ा ख़ान

ना'त-ख़्वाँ:

फ़रहान अली क़ादरी

सय्यिद कैफ़ी अली रज़वी